सपने तो सपने हैं

सपने तो सपने हैंछोटी सी है ये जिन्दगीजाना बहुत दूर है,कैसै पहुचेंगें मंजिल तकदिल तो अभी से थक कर चूर है ।उडना था अासमान मेंबन कर पतंग निडर,पर जमीन से आसमान काअति लम्बा  है ये सफर ।पर सपने तो सपने हैंहों राई से या अत्यंत बडे,क्यों न बीत जाये सारी ही उमरसाकार करने इन्हें , … Continue reading सपने तो सपने हैं